डायरेक्ट सेलिंग में डिस्ट्रीब्यूटर्स प्रीमियम क्वालिटी के प्रोडक्ट्स और सर्विसेज को प्रमोट और बेचकर इनकम कमाते हैं। इसमें नई लोगों को भर्ती करने या उनके साइन अप पर कोई रिवॉर्ड या इंसेंटिव नहीं दिया जाता। इसके अलावा डायरेक्ट सेलर बनने के लिए कोई शुरुआती खर्च भी नहीं होता।
दूसरी ओर, पिरामिड/पोंजी स्कीम एक हायरार्किकल नेटवर्क वाला ऐसा ढांचा है जिसमें प्रतिभागी एक या अधिक व्यक्तियों को भर्ती या ज्वाइन करके शामिल होते हैं, और उनका उद्देश्य नए भर्ती किए गए मेंबर्स के इनरोलमेंट, एक्शन या परफॉर्मेंस के आधार पर लाभ प्राप्त करना होता है- चाहे वह डायरेक्ट हों या इनडायरेक्ट। जिन प्रतिभागियों ने अतिरिक्त मेंबर्स को ज्वाइन करवाया है, वे ऊंचे लेवल पर जाते हैं, जबकि नए ज्वाइंड मेंबर्स निचले लेवल पर रहते हैं, जिससे एक मल्टी-लेवल नेटवर्क बनता है जिसमें हर अगला सदस्य भर्ती होने पर एक नए लेवल पर पहुंच जाता है। इसमें ऊंचे लेवल पर मौजूद लोग नए भर्ती हुए मेंबर्स से लाभ कमाते हैं, जबकि नए लोग निचले लेवल पर रह जाते हैं। इन पोंजी स्कीम्स की कोई कानूनी वैधता नहीं होती और इन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं है।